एक और किसान की आत्महत्या से प्रदेश सरकार का कार्यकाल कलुषित, किसान विरोधी चरित्र जगज़ाहिर हुआ : भाजपा

एक और किसान की आत्महत्या से प्रदेश सरकार का कार्यकाल कलुषित, किसान विरोधी चरित्र जगज़ाहिर हुआ : भाजपा


  • प्रदेश भाजपा अध्यक्ष साय ने कहा- नकली कीटनाशकों के चलते फसल चौपट हो रही और सरकार उन कारोबारियों को संरक्षण देने में लगी हुई है
  • कीटनाशक दवाओं के गोरखधंधे की उच्चस्तरीय जाँच, दोषियों को कड़ी सजा और मृत किसानों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने की पुरज़ोर मांग

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में एक और किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने पर प्रदेश सरकार के समूचे कार्यकाल को कलुषित बताते हुए कहा है कि किसानों के नाम पर कोरी सियासी नौटंकियाँ करने वाली कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार का किसान विरोधी चरित्र लगातार जगज़ाहिर हो रहा है। साय ने कहा कि एक ओर प्रदेश में लगातार किसान आत्महत्या करते जा रहे हैं और दूसरी ओर मुख्यमंत्री समेत उनकी सरकार व प्रदेश कांग्रेस अब भी किसानों के नाम पर राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने बताया कि इस मामले की जाँच करने और मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने तीन सदस्यीय जाँच दल तोरला जाएगा और तथ्यों पर आधारित अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। इस दल में भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष द्वय संदीप शर्मा व पूनम चंद्राकर के साथ ही भाजपा किसान नेता गौरीशंकर श्रीवास शामिल किए गए हैं।

नकली कीटनाशक के इस्तेमाल से धान की खड़ी फसल बर्बाद

साय ने कहा कि जिस सरकार के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और कृषि मंत्री के अपने गृह ज़िले में ही दो किसानों ने लगातार आत्महत्या कर ली हो, उस सरकार से किसानों के कल्याण और उनकी परेशानियों के प्रति सरकार से किसी संवेदनशील पहल की उम्मीद करना फ़िज़ूल ही है। अब ताज़ा मामला कांग्रेस के ही एक विधायक व पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू के गृह ग्राम तोरला का सामने आया है जिसमें नकली कीटनाशक के इस्तेमाल से धान की खड़ी फसल बर्बाद होने से हताश किसान प्रकाश तारक को भी आत्महत्या के लिए विवश होना पड़ा है।

साय ने कहा कि नकली कीटनाशकों के चलते किसानों की फसल चौपट हो रही है, लेकिन प्रदेश सरकार इस मामले में कोई ठोस पहल नहीं करके नकली कीटनाशकों के कारोबारियों को संरक्षण देने में लगी हुई है। प्रदेश सरकार से कीटनाशक दवाओं के व्यापक पैमाने पर हुए इस गोरखधंधे की उच्चस्तरीय जाँच करा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हुए

साय ने इस बात पर गहरा अफ़सोस जताया कि कांग्रेस सरकार किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी डींगें तो खूब हाँकती है, लेकिन ज़मीनी तौर पर न तो उनकी पीड़ा को पूरी संवेदना के साथ दूर कर रही है, न किसानों को हताशा से उबारने की कोई सार्थक पहल कर रही है और न ही मृतक किसानों के परिजनों को पर्याप्त मुआवज़ा दे रही है।

साय ने प्रदेश सरकार से आत्महत्या के मामलों में मृत किसानों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता राशि मुहैया कराने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES