अधिकारी दिखावा से बाज आएं..बताएं क्या संक्रमण के बाद लेंगे जिम्मेदारी.. एडवाजरी के खिलाफ जारी करें आदेश

अधिकारी दिखावा से बाज आएं..बताएं क्या संक्रमण के बाद लेंगे जिम्मेदारी.. एडवाजरी के खिलाफ जारी करें आदेश

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बिलासपुर—छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि अधिकारी दिखावा बन्द करें। क्योंकि केन्द्र सरकार की एडवायजरी के अनुसार स्कूलों को 31 अगस्त तक बन्द रखा जाएगा। इधर प्रदेश सरकार की शिक्षआ विभाग ने स्वैच्छिक स्कूल खोले जााने का एलान किया है। दरअसल यह सब दिखावा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी दिखावा को बन्द करें।

 

           छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के एडवाइजरी में स्पष्ट है कि 31 अगस्त तक स्कूल बंद रखा जाएगा। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से शिक्षकों को स्वैच्छिक रूप से पारा, टोला, मोहल्ला में कक्षाएं लगाने की बात कही जा रही है। ऐसी स्थिति में बीईओ बम्हनीडीह किसके निर्देश में पारा, टोला, मुहल्ला क्लास को नियमित रूप से जारी रखने का आदेश 27 अगस्त को दिया है,?

 

       संजय  शर्मा ने बताया कि बीईओ ने संकुल के माध्यम से जारी आदेश में कहा है कि आलोक शुक्ला प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग का ब्लाक में दौरा संभावित है। इसलिए पारा, टोला, मुहल्ला क्लास को नियमित रूप से जारी रखा जाए।

 

         संजय ने कहा कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिखावा कर रहे हैं। पत्र से तो  यही जाहिर होता है। शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी को खुश करने की यह परंपरा ठीक नही है। वास्तविक कार्य से ही शिक्षा विभाग लोगो के बीच आदर्श है। ऐसा तो नही की अधिकारी के दौरा के दबाव में पारा, टोला, मुहल्ला क्लास को अनिवार्य किया जा रहा हो,?

 

                           शिक्षक नेता ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते दौर में सभी शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों, पालकों और मोहल्ला वासियों में पारा, टोला, मुहल्ला क्लास से संक्रमण बढ़ने का खतरा स्वाभाविक है। सवाल उठता है कि क्या संक्रमण फैलने के बाद अधिकारी दिए गए आदेश की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। क्योंकि शासन का स्पष्ट आदेश स्वैक्षिक है। इसलिए स्थानीय विकासखंड अधिकारी की जवाबदेही जरूरी है।

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